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परिवारों के लिए

मेरे बच्चे को अभी-अभी ऑटिज़्म का निदान हुआ है। इस महीने मैं घर पर क्या कर सकता/सकती हूँ?

इस हफ़्ते अपने बच्चे की मदद शुरू करने के लिए आपको किसी थेरेपिस्ट, पैसों या किसी परफ़ेक्ट योजना की ज़रूरत नहीं है। ये कदम किसी भी देश में, फ़ोन पर, और मुफ़्त में काम करते हैं।

इस पेज में क्या है

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सबसे पहले, कुछ बातें जो सच हैं

  • ऑटिज़्म बढ़ने, सीखने और बात करने का एक अलग तरीका है। यह आपकी किसी गलती से नहीं हुआ।
  • आपका बच्चा वही बच्चा है जो निदान से पहले था। बदलता यह है कि अब आप उसे बेहतर समझते हैं।
  • ऑटिज़्म वाले बच्चे पूरी ज़िंदगी सीखते रहते हैं। घर पर दी गई मदद सचमुच फ़र्क ला सकती है।
  • आपको सब कुछ एक साथ नहीं करना है। हर दिन एक छोटा कदम काफ़ी है।

हफ़्ता 1: देखें और लिखें

एक हफ़्ते तक, अपने बच्चे को कुछ बदलने की कोशिश किए बिना ध्यान से देखें। कागज़ पर या फ़ोन में छोटे नोट्स लिखें:

  • मेरे बच्चे को क्या सबसे ज़्यादा पसंद है? खिलौने, गाने, खाना, हरकतें, चीज़ें। यही सिखाने के लिए आपके सबसे अच्छे साधन बनेंगे।
  • मेरा बच्चा मुझे कैसे बताता है कि उसे क्या चाहिए? शब्दों से, उँगली से इशारा करके, आपका हाथ खींचकर, रोकर, या चीज़ें लाकर।
  • मुश्किल पल कब आते हैं? लिखें कि ठीक पहले क्या हुआ, बच्चे ने क्या किया, और ठीक बाद क्या हुआ।
  • एक सामान्य दिन कैसा होता है? उठना, खाना, नहाना, सोना।

ये नोट्स आपकी मदद करेंगे, और बाद में जो भी आपके बच्चे की मदद करे, उसकी भी: डॉक्टर, शिक्षक या थेरेपिस्ट।

अंग्रेज़ी में वीडियो देखें

हफ़्ता 2: दिन का क्रम तय करें

बहुत से ऑटिस्टिक बच्चे तब शांत रहते हैं जब उन्हें पता होता है कि आगे क्या होगा।

  • हर दिन एक ही क्रम रखें: उठना, खाना, नहाना और सोना, जितना हो सके।
  • दिन को तस्वीरों से दिखाएँ। हर काम की फ़ोटो या चित्र एक लाइन में लगाएँ: "नाश्ता, फिर जूते, फिर गाड़ी"। हर काम से पहले उसकी तस्वीर की ओर इशारा करें। आप इसे हाथ से बना सकते हैं, या हमारे विज़ुअल शेड्यूल टूल (अंग्रेज़ी में) से मुफ़्त बनाकर प्रिंट कर सकते हैं।
  • बदलाव से पहले बताएँ। कहें "दो मिनट और, फिर नहाना", और नहाने की तस्वीर दिखाएँ।

हफ़्ता 3: बच्चे को बात करने में मदद करें

बात करना सिर्फ़ बोलना नहीं है। आपका बच्चा जिस भी तरीके से कुछ बताता है, वह मायने रखता है।

  • आमने-सामने आएँ। बच्चे की ऊँचाई पर बैठें या घुटनों के बल आएँ।
  • कम शब्द बोलें। "गेंद" या "और गेंद" कहें, लंबा वाक्य नहीं।
  • रुकें। बच्चे की पसंदीदा चीज़ हाथ में लेकर कुछ सेकंड रुकें, ताकि वह देखे, आवाज़ निकाले, इशारा करे या कोई शब्द बोले। फिर तुरंत वह चीज़ दे दें।
  • हर कोशिश का जवाब दें। अगर बच्चा कुछ माँगने के लिए इशारा करे, हाथ बढ़ाए या आवाज़ निकाले, तो जवाब दें। इससे बच्चा सीखता है कि बात करने से काम बनता है।
  • अगर शब्द मुश्किल हों तो तस्वीरें इस्तेमाल करें। फ़्रिज पर पसंदीदा चीज़ों की दो-तीन तस्वीरें लगाने से बच्चा इशारा करके बता सकता है कि उसे क्या चाहिए।

अंग्रेज़ी में वीडियो देखें

हफ़्ता 4: मुश्किल पलों को संभालें

मुश्किल व्यवहार अक्सर कुछ कहने का एक तरीका होता है: "मुझे वह चाहिए", "यहाँ बहुत शोर है", "मुझे नहीं करना" या "मुझ पर ध्यान दो"। कभी-कभी दर्द, बीमारी, ठीक से नींद न आना या चिंता भी हालात को और मुश्किल बना सकते हैं। अगर व्यवहार अचानक बदल जाए, तो डॉक्टर से बात करें।

  • हफ़्ता 1 के नोट्स दोबारा पढ़ें। आम तौर पर ठीक पहले क्या होता है? क्या आप उसे बदल सकते हैं? जैसे शांत कमरा, टीवी बंद करने से पहले बताना, या बाज़ार जाने से पहले कुछ खिला देना।
  • माँगने का बेहतर तरीका सिखाएँ। अगर बच्चा खिलौने के लिए चिल्लाता है, तो उसे इशारा करना या "खिलौना" कहना सिखाएँ, और जब वह ऐसा करे तो खिलौना दे दें।
  • अच्छे पलों पर ध्यान दें। जब बच्चा वह करे जो आपने चाहा था, तो तुरंत उसकी तारीफ़ करें या छोटा इनाम दें। हमारा टोकन बोर्ड टूल (अंग्रेज़ी में) मुफ़्त में आसान इनाम चार्ट बनाता है, जिसे आप प्रिंट कर सकते हैं।
  • नई स्थितियों के लिए कहानियों का इस्तेमाल करें। डॉक्टर के पास जाने या बाल कटवाने से पहले तस्वीरों वाली एक छोटी कहानी पढ़ने से बच्चे को पता चलता है कि क्या होने वाला है। सोशल स्टोरी टूल (अंग्रेज़ी में) से मुफ़्त में एक बनाएँ।

अगर आपका बच्चा खुद को या दूसरों को चोट पहुँचाता है, या आपको उसकी सुरक्षा की चिंता है, तो जितनी जल्दी हो सके किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी से बात करें। आपात स्थिति में अपने इलाके के इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें।

अपना भी ध्यान रखें

  • दुखी होना, डर लगना, गुस्सा आना, राहत महसूस होना, या कुछ भी महसूस न होना, सब सामान्य है। ये भावनाएँ समय के साथ बदलती हैं।
  • बात करने के लिए एक इंसान ढूँढें: जीवनसाथी, दोस्त, परिवार का कोई सदस्य, या किसी ऑटिस्टिक बच्चे के माता-पिता।
  • बहुत से देशों में राष्ट्रीय ऑटिज़्म संस्था या माता-पिता के समूह होते हैं। अपने शहर या देश के नाम के साथ "ऑटिज़्म पेरेंट ग्रुप" खोजें।
  • जब हो सके आराम करें। यह कुछ दिनों का नहीं, सालों का सफ़र है।

अपने इलाके में और मदद पाना

  • अपने बच्चे के डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी से पूछें कि आपके इलाके में कौन-सी सेवाएँ हैं और उन्हें कैसे पाएँ।
  • अपने बच्चे के स्कूल या प्री-स्कूल से पूछें कि वे क्या मदद दे सकते हैं।
  • अगर सेवाओं के लिए इंतज़ार करना पड़े, तो इस पेज पर लिखी हर बात आप इंतज़ार के दौरान कर सकते हैं।

यह किसी और माता-पिता को भेजें

आपका कोई जानने वाला शायद आज वहीं है जहाँ आप निदान वाले दिन थे। उन्हें यह पेज भेजें।